Thursday, July 21, 2011

ऐ दिल तु क्या कहता है

ऐ दिल तु क्या कहता है,
तु किन यादों में आँखों को नम करता है/
कुछ पल थे वो जो  बीत गए ,
वो पल थे जो तुने जि लिए/
अब क्यों तु उनको दोहराता है,
क्यों तु आँखों को नम करता है/

ख्वाबों की एक नरम चादर जैसी ,
रातो को जो नींदे दे जाती 
करवटों  में मुस्कुराहट ले आती 
वो लम्हों की अनोखी बारिश जैसी  ,
बीते पलों की एक गठरी थी ,
ऐ दिल वो तेरी बीत गयी एक ख्वायिश थी 


लेखन: अंकेश साहा/

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