खोया सा महसूस होता है,
डर भी बहुत लगता है,
आज उन पहचानी आँखों के बीच
"मै" सहमा सा अनजान रहता है,
क्या जाने ऐसा क्यों लगता है,
क्या "मै" को दिखावे से डर लगता है,
वो गुम होने से क्यों आज डरता है,
क्यों जानने वालो के बीच, वो
अनजान बना घुमा करता है/
आलम ऐसा है, वो
वो अनजानी आँखों की भीड़ में, "मै" होता है,
बिना नकाब के वो ,
बेखबर, मदमस्त "मै" होता है /
वो न किसी की ओर देखता है
न किसी की नजर से वो सहमता है,
ना जाने इन अनजानों के बीच
खुद को क्यों प् लेता है/
वो बस और बस "मै" होता है

6 comments:
woh matlab kya hai?
Jai ho ankesh baba ki...bhai scene kya...sab theek to hai na :)
@Dian... wo means that.. Like "That lost me"
@Nishit...Danyabad .. Sab thik maharaj bas ye to deep philosophy hai :)
Friggin awesome. Instant connect.
@vkg.. arre sab aap logo ki kirpa hai jo connect kar rahe hai hum... thanx sirji
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