कहनी थी कुछ बाते उनसे/
बड़े दिनों से बुन रहा था जिन लम्हों को,
कहना था उनसे /
एक कसमकस थी जरुर मुझ्मे,
क्या यही है वो या एक और छलावा है,
कसमकस के इस जाल से निकलना था मुझको'
कुछ कहना था उनसे मुझको/
सोचो तो सिर्फ बाते थी,
और लम्हों पर बने हवाई महल थे,
पर कहना तो फिर भी जरुरी था/
कुछ तो था जो रुका था अभी तक मै,
शायद ये खुद से अनजान होने की भूल थी ,
या खुद को भरोसा दिनाले की नाकामी,
जो भी था पर कहना जरुरी था उनसे/
क्यों हुआ, कैसे हुआ, या किसी की नामंजूरी थी /
कहने में क्यों जो देर हुई,
जो सुनने वाला ही न रहा.
या फिर शायद
ये बाते होनी ही नहीं थी,
उन लम्हों को जुबान पे नहीं , शायद
किसी अनजान यादो की जरुरत थी

3 comments:
"क्या यही है वो या एक और छलावा है..." sexy line sir....
nic post anyway,,
@ raj
Thanx buddy
awesome!!!! dard mein kuch baat hai!1
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