Sunday, July 4, 2010

कहनी थी कुछ बाते उनसे/



कहनी थी कुछ बाते उनसे/


बड़े  दिनों से बुन रहा था जिन लम्हों को,
कहना था उनसे /

एक कसमकस थी जरुर मुझ्मे,
क्या यही है वो या एक और छलावा है,
कसमकस के इस जाल से निकलना था मुझको'
कुछ  कहना था उनसे मुझको/

सोचो  तो सिर्फ बाते थी,
और लम्हों पर बने हवाई महल थे,
पर कहना तो फिर भी जरुरी था/

कुछ  तो था जो रुका था  अभी तक मै,
शायद  ये खुद से अनजान होने की भूल थी ,
या खुद को  भरोसा दिनाले की नाकामी,
जो  भी था पर कहना जरुरी था उनसे/

क्यों हुआ, कैसे हुआ, या किसी की नामंजूरी थी /
कहने  में क्यों जो देर हुई,
जो  सुनने वाला ही न रहा.
या  फिर शायद 
ये बाते होनी ही नहीं थी,
उन  लम्हों को जुबान पे नहीं , शायद
किसी अनजान यादो की जरुरत थी 




3 comments:

Uncensored Raj said...

"क्या यही है वो या एक और छलावा है..." sexy line sir....

nic post anyway,,

Ankesh at Talk said...

@ raj

Thanx buddy

MangoManBunty said...

awesome!!!! dard mein kuch baat hai!1