Sunday, December 28, 2008

एक सवाल!!!!!


एक सवाल हैं जो जीवन का मक्सद बनगया हैं
एक सवाल हैं जो जीवन को राह दिखा रहा हैं

हर दिन इस सवाल का जवाब ढुंढता हैं
हर दिन यह सवाल आत्मा को झंझोडृता है

यह सवाल जीवन में कुछ करने को कहता हैं
ये कहता हैं मुझसे, इस जीवन को ऐसे व्यर्थ न कर
कुछ खुद के लिए और कुछ औरौं के लिए कर

ये सवाल मन को विचलित करता हैं
हर रात बेचैन ये करता हैं
हर सुबाह ये जागने को कहता हैं

हर राह चलते भिखारी के साथ ये सवाल अपनी छाती ताने खड़ा होता हैं
ये हँसता हैं मेरें और मेरें जैसो पर
ये हँसी कुछ अलग करने को केहती हैं
ये हमसे अब जागने को कहती हैं

ये एक सवाल !!!!!

1 comment:

Bunty said...

bahot achche guru...sachchi...

waise lucky ho aap ki kisi sawaal ne aapko jhanjhod ke sahi raaah to dikhai...yahan to saali poori zindgi andheri hai...